Thursday, September 11, 2014

हनीमून Honeymoon

ये हसीन वादियां, ये खुला आसमान



शादी के बाद का सबसे खास लम्हा होता है, हनीमून पर बिताए गए पल। किसी खास स्थान पर बिताए गए प्यार के अंतरंग लम्हे किसी भी जोडे के लिए अविस्मरणीय होते हैं। ऐसे में शादी के साथ ही शुरू होती है, हनीमून की प्लानिंग। यहां आशिता दाधीच बता रही हैं, देश और दुनिया के सबसे खूबसूरत हनीमून स्पॉट के बारे में।

- सिंगापुर

हनीमून के दिनों को यादगार बनाने के लिए सिंगापुर केबल कार में स्काई डाइविंग प्रोग्राम में खुद को रजिस्टर कराएं। सेंटोसा आइलैंड के सुंदर रेतीले समुद्रतट तथा तरह-तरह के वाटर स्पो‌र्ट्स और स्पा ट्रीटमेंट पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। चाइना टाउन में चाइनीज हैंडीक्राफ्ट, घडि़यां, कपड़े, सी फूड, चाइना वेयर आदि की बहुत वैरायटी मिलेगी। अगर वाइल्ड लाइफ की एक झलक रात को देखनी हो तो नाइट सफारी का आनंद लें। यहां 110 अजीबोगरीब प्रजातियों के 1200 जानवर दिखते हैं।

- थाईलैंड

आसमान छूती इमारतें लक्जरी होटल व शॉपिंग मॉल इस शहर की शोभा हैं। ऐतिहासिक बौद्ध मंदिरों के अलावा पटाया बीच थाईलैंड का मुख्य आकर्षण है। सेलिंग, विन्डसर्फिग, वाटर स्कीइंग, केबिल स्का, पैरासेलिंग, स्नोर्केलिंग आदि एडवेंचर स्पो‌र्ट्स के लिए यह आदर्श बीच है। थाईलैंड गए है तो फुकेत जरुर जाए, यहां के सफेद रेत वाले बीच बसबस ही अपनी और खींचते है।

- यूरोप

स्विट्जरलैंड में एल्प्स बर्फीली पहाड़ियां चोटियां देखने का अपना अलग मजा है। स्कीइंग व गोल्फिंग के लिए यह देश बहुत अच्छा है। पेरिस में विश्वप्रसिद्ध आयफिल टॉवर के अलावा शाजेलिजे, लूव्र, साक्रे कुअर, आर्क द ट्रायम्फ जैसे कुछ बेहतरीन दर्शनीय स्थल है। लंदन के मशहूर दर्शनीय स्थलों में बिग बेग, वेस्टमिंस्टर एवे, बकिंघम पैलेस, सेंट पॉल कैथेड्रल और टॉवर ऑफ लंदन हैं। इटली के वेनिस, रोम, पीसा, फ्लोरेंस अपनी सुंदरता के कारण सभी को लुभाते है।

- मलेशिया

मीलों तक समुद्रतट फैले है और उनके किनारे पाम के पेड़, सागर से आती लहरें और दूर तक दिखता नीला पानी व आकाश हैं। यहां बहुत से रेन फॉरेस्ट हैं, जिनमें सफारी ट्रिप आयोजित किए जाते हैं।

- मॉरिशस

हनीमूनर्स पैराडाइज कहलाने वाले मॉरिशस में समुद्री जीव-जंतुओं को बहुत करीब से देखने का मौका मिलेगा और वॉटर एडवेंचर स्पो‌र्ट्स की भी पूरी सुविधा है।

- ताज महल, आगरा

आगरा ताजमहल के लिए जाना जाता है। ताज महल की गितनी विश्व के सात अजूबों में होती है। इसका निर्माण मुगल बादशाह शाहजहां ने अपनी पत्नी मुमताज महल की याद में करवाया था। यहीं मुमताज महल का मकबरा भी है। पास ही यमुना नदी बहती है।

- खजुराहो

खजुराहो मंदिर मध्‍यप्रदेश की शान है। वास्‍तुकला का अद्भुत नमूना यहां देखने को मिलता है। खजुराहो मंदिर में कामुक मूर्तियां लगी हुई है जो कामदेव को समर्पित है।

- श्रीनगर

ये शहर झीलों और हाऊसबोट के लिए जाना जाता है। डल झील पर कई खूबसूरत नावों पर तैरते घर हैं जिन्हें हाउसबोट या शिकारा कहा जाता है। मुगल गार्डन, शालीमार बाग, निशात बाग जैसे कई बड़े गार्डन है।

- गोवा

गोवा अपनी नाइट लाइफ के लिए ही जाना जाता है, ऐसे में यहां हनीमून के पल बिताना बेहद रोचक पल रहेगा। गोवा के खूबसूरत और शानदार समुद्री-तटों की लंबी लिस्ट में कैलेंगुट बीच, अंजुना बीच, बागा बीच, बागाटोर बीच, सिंकेरियन बीच, पालोलेम बीच और मीरामार बीच प्रमुख हैं। जिनमे आप वाटर गेम्स और रिवर क्रूज का लुत्फ़ उठा सकते हैं।

- केरल

कोवलम व कोडई कनाल जाकर समुद्रतट पर फैले नारियल के पेड़, ताजे फलों के ढेर और प्राकृतिक सौंदर्य देखा जा सकता है। यहां की मन्नार की खाड़ी धरती पर स्वर्ग सा एहसास देती है।

- हिमाचल प्रदेश

बर्फ से ढकी सफेद चोटियां, मीलों तक फैले फूलों से ढके हरे-भरे बागान, सेबों से लदे पेड़ हिमाचल प्रदेश की खासियत है। कुल्लू, मनाली, शिमला, कसौली आदि यहां की कुछ खास जगहें हैं। यहां के पहाड़ों व दर्रो में ट्रेकिंग, रॉक क्लाइंबिंग जैसे एडवेंचर स्पो‌र्ट्स का लुत्फ भी उठाया जा सकता है।

- राजस्थान

रेतीली मिट्टी के लिए प्रसिद्ध राजस्थान देशी-विदेशी हनीमूनर्स की पसंदीदा जगह है। झीलों का शहर कहलाने वाला उदयपुर बेहद खूबसूरत है। जैसलमेर के रेतीले टीलों पर डेजर्ट सफारी का आनंद ले सकते हैं। माउंट आबू अरावली की पहाडि़यों से घिरा एक बहुत लोकप्रिय हनीमून स्पॉट है। रणथंभौर व भरतपुर में बाघ व बर्ड सैंक्च्युरी का आनंद ले सकते हैं।

 

शादियों के गीत, Wedding songs

शादियों के गीत, जिनके बिना अधूरी है शादियां

वे फिल्मे गाने जो बन गए शादियों की पहचान

संगीत के बिना हर जश्न अधूरा है, ऐसे में शादियों में तो संगीत और नाचने गाने का अपना ही महत्त्व है। शादी शब्द सुनते ही ना सिर्फ लेडीज संगीत बल्कि बरात के आगे झूम झूम कर नाचते लोगों की तस्वीर घूम जाती है। कब कब सजती है संगीत की यह महफिल और कौनसे होते है गीत बता रही है आशिता दाधीच।

शादियों में गीत संगीत की शुरुआत होती है गणपति स्थापना के साथ। गणेश स्थापना के दौरान कुछ गीत व भजन सभी समाजों और वर्गों में गाए जाते है। इनमें चालो रे विनायक आपा जोशी जी रे चाला, देवा हो देवा, गणपति राखों मेरी लाज, रनत भंवर से उतरो आज आदि शामिल हैं।

इसके बाद दूसरी बड़ी रस्म होती है मेहंदी की। पहले इस रस्म के दौरान घर की बड़ी -बुजुर्ग महिलाएं आपस में मिल जुल कर हंसी -ठिठौली करती थी। आधुनिक युग के साथ बन्ने-बन्नी के गीत की जगह इस रस्म में डीजे पर बजने वाले फिल्मी गीतों का बोलबाला हो गया है। रस्म के दौरान मेहंदी है रचने वाली, बन्नो रानी तुझे सयानी, मेहंदी से लिख के जैसे पॉप्युलर और पैपी गाने बजने लगे है।

इसके बाद नंबर आता है महिला संगीत का, जो पूरी तरह से नाच गाने पर ही आधारित कार्यक्रम होता है. यह कार्यक्रम विवाह समारोह का मुख्य आकर्षण होता है। इस दौरान जहां सहेलियां अलग अलग तरह के गीत चुनकर अपनी भावी दुल्हन सहेली को मंगलकामना देती है तो वही वरिष्ठ और ज्येष्ठ महिलाएं अपने डांस से कोई ना कोई सीख दुल्हन को दे जाती है. इस दौरान जहां भविष्य की मंगलकामना होती है तो वही हंसी ठिठौली भी और रिश्तेदारों से परिचय का भी जरिया है यह रस्म। इस समारोह में हर कोई संगीत की धुनों पर मस्ती में झूमता-गाता है, फिर चाहे वह समधी-समधन हो या फिर दूल्हा-दुल्हन।

जब दूल्हा बारात लेकर निकलता है तो हर कोई बस थम जाता है, दुल्हन के इस सौभाग्य की एक झलक देखने के लिए। बारात के आगे नाचते दूल्हे के दोस्त, झूमती भाभियां और दीदीयां बारात की शान होती है। बारात में बजने वाले गीतों में प्यारा भैया मेरा और आज मेरे यार की शादी है सबसे प्रमुख है।

बारात के दुल्हन के घर पहुंचने पर होता है जम कर स्वागत और मान मनुहार। इस दौरान दूल्हे का सेहरा सुहाना लगता है गीत खास डिमांड में रहता है। शादी की मुख्य रस्म फेरों में यूं तो मंत्रोच्चार की ध्वनि गुंजायमान रहती है, लेकिन, इसके साथ रिश्तेदार मग्न रहते है सदाबहार गीतों पर डांस करने में। इन गीतों में शामिल है राजा की आयेगी बारात रंगीली होगी रात मगन मै नाचूंगी, बहारो फूल बरसाओं मेरा महबूब आया है, दूल्हे का सेहरा सुहाना लगता है, मैं तो भूल चली बाबुल का देश पिया का घर प्यारा लगे, मेरी प्यारी बहनियां बनेगी दुल्हनियां जैसे गीत शामिल है। इस तरह किसी भी दुल्हन की विदाई मोहम्मद रफ़ी के गाए वर्ष 1968 में प्रदर्शित फिल्म नीलकमल के बेहद मार्मिक गीत था बाबुल की दुआये लेती जा तुझको सुखी संसार मिलेके बिना आज भी लगभग अधूरी सी लगती है।

 

 

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मेहंदी Nail Art

तेरी मेहंदी वो देखेंगे तो.………........


अपना दिल रख देंगे, चुपके से तेरे पैरों

मैं हूं खुश रंग हिना.. प्यारी खुश रंग हिना!

शादियां मतलब सजना संवरना, रूप निखारना और भीड़ से बिलकुल अलग दिखना। ऐसे में जब महिलाओं के श्रृंगार की बात हो, तो मेहंदी का जिक्र होना लाजिमी हो जाता है। मान्यता है कि जिसकी मेहंदी जितना रंग लाती है, उसे पति से उतना ही प्यार मिलता है। मेहंदी लड़की की सुंदरता में भी चार चांद लगाती हैं। आजकल मेहंदी हाथ और पैर ही नहीं बल्कि पीठ, बाजूबंद यहां तक कि नाभि पर भी लगवाती हैं। यहां आशिता दाधीच बता रही है कुछ ट्रेंडी डिजाइनर मेहंदी के बारे में।

मेहंदी की कुछ मशहूर शैलीयां

कलरफुल मेहंदी

कलरफुल मेहंदी के लोकप्रिय होने का कारण है इसका स्टाइलिश -कलरफुल होना। आप कपड़ों और जूलरी के मुताबिक अपने हाथों पर मैच करते रंगों से मेहंदी का डिजाइन बनवा सकती हैं। डिजाइन के ऊपर शेडिंग का चलन भी जोरों पर है।

मारवाड़ी मेहंदी

ये डिजाइंस बहुत बारीक, नजदीक और घने होते हैं। इसकी डिजाइंस में शहनाई, ढोलक, बैंडबाजे, मोर, पक्षी जैसी कलाकृतियां शामिल हैं।

टैटू मेहंदी

लड़कियों में बाजुओं, पेट और पीठ पर स्माल फिगर्स जैसे रंगबिरंगी तितली, एंजिल फेस, डंक मारते बिच्छु, ड्रैगन आदि टैटू बनवाने का चलन काफी है।

जरदोजी मेहंदी

जरदोजी मेहंदी सिल्वर या गोल्डन शेड लिए होती है। मेहंदी रचे हाथों में सिल्वर या गोल्डन ग्लिटर से डिजाइन बनाया जाता है। मेहंदी पर आप रंग-बिरंगे स्टोन या कुंदन भी लगवा सकती हैं।

गहनों वाली मेहंदी

इसमें मेहंदी के साथ क्रिस्टल, कुंदन, स्वरोस्की, नग, स्पार्कल डस्ट, कलर्स, सितारे, मोतियों और फर आदि जूलरी का इस्तेमाल किया जाता है।

अरेबियन मेहंदी

मोटे-मोटे फूल-पत्तियों वाले डिजाइन हमेशा ही दुल्हन और उसकी सखियों को खासा लुभाते है, इससे हाथ भरा भरा नजर आता है।

बॉम्बे मेहंदी

इसमें ताजमहल, लाल किला, मकबरा, पेंटिंग वगैरह में हुई बारीक नक्काशी ट्रेंड में है। मेहंदी लगाने के बाद दूसरे दिन गोल्डन और सिल्वर ग्लिटर से मिक्स एंड मैच करवा लेती हैं।




 

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लहंगा Wedding dress

ये मेरा लहंगा बड़ा है महंगा



शादी के दिन हर दुल्हन का अरमान होता है कि वो हो सबसे जुदा। दुल्हन के श्रृंगार से लेकर उसका लाल जोड़ा, हर किसी के आकर्षण का केंद्र होता है। दुल्हन की ये पोशाक उसकी खूबसूरती में चार चांद लगाती है। यहां आशिता दाधीच बता रही है कैसे करे दुल्हन के घाघरे और लहंगे की खरीदारी, क्या है लेटेस्ट ट्रेंड्स और फैशन।

लहंगा दुल्हन की पारिवारिक परंपराओं के अनुकूल होता है। अक्सर दुल्हनें भी अपने घर की रस्मों के मुताबिक ही गहनें और कपड़ें पहनना पसंद करती है। उत्तर भारतीय शादियों में अक्‍सर दुल्‍हने लाल रंग के जोडे में और दक्षिण भारतीय शादियों में सफेद रंग से सजती है, यह कहना है, कॉस्ट्यूम डिजाइनर श्रद्धा जोशी का। जोशी के मुताबिक लड़कियां लाल कम और पिंक, मैजेंटा, बैगनी, नीला या फिर नारंगी रंग अधिक पसंद करती हैं। उनके मुताबिक घाघरा पसंद करते समय कांप्लैक्शन का ध्यान रखना जरूरी हैं। दुल्हन यदि गोरी है तो पिंक, फिरोजी, हरा, लाल, सिल्वर या गोल्डन किसी भी रंग को आजमा सकती हैं। यदि गेहुंएं रंग की है तो उस पर रूबी, लाल, ऑरेंज, नेवी ब्ल्यू, फिरोजी और नीला कलर ज्यादा अच्छे लगेंगे, गोल्ड बेस वर्क के साथ मैरून, मैट गोल्ड वर्क के साथ एमेराल्ड ग्रीन या कॉपर के शेड्स अच्छे लगते हैं। सांवली रंगत वालों को ब्राइट कलर में पीला, नारंगी, लाल एवं नीले रंग में अपना लहंगा तैयार करवाना चाहिए।

> फिश कट लहंगा और ए-लाइन घाघरा खूब पसंद किए जा रहे हैं।

> लहंगा में मिरर, गोटा एवं पर्ल वर्क फैशन में हैं।

> कुंदन वर्क एवं सितारा वर्क भी करवाया जा सकता हैं।

> लाइट वेट फैब्रिक आपको एलिगेंट और ग्लैमर लुक देता हैं।

> डेलिकेट इब्रॉयडरी, लैक वर्क, पैच वर्क या इंट्रिकेट बीड वर्क भी लहंगे को बेहतर दिखाता हैं।

ब्राइडल ड्रेस डिजाइनर नीता शेट्टी के मुताबिक इन दिनों लहंगों की जगह ले ली है स्लीम स्कर्ट्‌स ने। इन दिनों साड़ी गाउन' भी काफी चलन में है। दुल्हन का लुक इन दिनों वेस्टर्न फैशन से भी काफी हद तक प्रभावित है। इसके चलते दुल्हनें प्री स्ट्रिच्ड लहंगा पसंद करने लगी हैं। हैवी लुक चाहती है तो विक्टोरियन गाउन सेलेक्ट करे। लहंगे पर जरी, दबका,गोटा, लेस व ऐंटीक मैचिंग वर्क का फैशन है।




 

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निकाह Muslim Wedding

तू मुझे कबूल, मैं तुझे कबूल

आपसी वादों और समझौतों पर टिकी है निकाह की बुनियाद



??जोड़ियां स्वर्ग में बनती हैं, और जमीन पर उन्हें मिलती है मुकम्मल मंजिल। फिर चाहे फेरे लेकर, यस आई डू कहकर या हिजाब से कबूल हैं बुदबुदा कर। बेहद खूबसरत रस्म है निकाह, और इनमे चार चांद लगाती हैं रवायतें, यहां आशिता दाधीच बता रही हैं, निकाह के रस्मों - रिवाज के बारे में।

ईस्तीखरा - यह निकाह की सबसे पहली रस्म है। इसमें समुदाय के प्रमुख लोग खुदा से निकाह के लिए सहमति मांगते हैं। दूल्हे और दुल्हन के सुखी वैवाहिक जीवन के लिए दुआ मांगते हैं।

ईमाम जामीन - इस रस्म के लिए दूल्हे की मां दुल्हन के घर मिठाइयां, सोने या चांदी का सिक्का लेकर जाती है। ये सिक्का सिल्क के कपड़े में लपेट कर दुल्हन के परिवार को दे दिया जाता है।

मंगनी - मंगनी में दूल्हा और दुल्हन आपस में अंगूठियां बदलते हैं। दोनों परिवार आपस में उपहार, फल, सूखे मेवे, मिठाइयां देते लेते हैं।

हल्दी पीठी रस्म - यह रस्म कुछ कुछ हिंदू शादियों की हल्दी की रस्म की तरह ही होती है। इसमें दुल्हन को पीले रंग के कपड़े पहनाए जाते हैं। परिवार के लोग दुल्हन के चेहरे और शरीर पर हल्दी लगाते हैं। इस रस्म के बाद दुल्हन घर से तब तक बाहर नहीं निकल सकती, जब तक उसका निकाह ना हो जाए।

मेहंदी - इसमें दुल्हन के हाथ और पैरों पर मेहंदी लगाई जाती है।

शगुन का जोड़ा- यह रस्म भी हिन्दू रस्मों की ही तरह होती हैं। दूल्हे के परिवार से दुल्हन के लिए कपड़े और गहने भेजे जाते हैं, जिन्हे दुल्हन निकाह के दौरान पहनती है।

बारात के लिए रिसेप्शन- इस रस्म में जब दूल्हे की बारात दुल्हन के घर आती है, तब रिशेप्शन दिया जाता है।

निकाह- यह मुख्य फंक्शन है, जिसके बाद ही दूल्हे और दुल्हन को शौहर और बीबी माना जाता है।

क्या होती है निकाह की प्रक्रिया-

निकाह के दौरान दूल्हा और दुल्हन अलग-अलग बैठते हैं। इस समय वे दोनों एक-दूसरे को देख नहीं पाते। इस दौरान मेहर तय किया जाता है। मेहर वह रकम है, जो शादी के बाद दूल्हे द्वारा दुल्हन को दी जाती है। यह नकद दी जाए, जरूरी नहीं। दुल्हन तैयार हो तो दूल्हा इसे बाद में कभी भी देने का वादा कर सकता है। काजी निकाह की प्रक्रिया पूरी करवाता है। काजी, वकील और दो गवाहों की मौजूदगी में यह प्रक्रिया पूरी होती है। वकील बारी_बारी से दूल्हा और दुल्हन से इस शादी में उसकी रजामंदी पूछता है। दोनों से यह तीन_तीन बार पूछा जाता है। दोनों लोग परस्पर जब कहते हैं कि उन्हें यह निकाह कुबूल है, तो लोग दोनों को शादी की मुबारकबाद देते हैं और निकाह की सबसे खास रस्म पूरी होती है।


मुंह दिखाई- शादी के बाद जब दूल्हा और दुल्हन, एक-दूसरे को पहली बार देखते हैं तो उसे मुंह दिखाई कहा जाता है। इस रस्म को निभाने के लिए दूल्हा और दुल्हन के बीच में कांच (दर्पण) और कुरान को रखा जाता है। दर्पण द्वारा दूल्हा और दुल्हन एक-दूसरे के दीदार करते हैं।

रुखसत (बिदाई)- हिंदू शादियों की तरह ही ठाट -बाठ से लाड़ली बिटियां इस रस्म के साथ अपने बाबुल के घर से विदा होती हैं। जब दुल्हन अपने ससुराल पहुंचती है, तब सास, ननदों द्वारा उसका स्वागत होता है।

दावत-ए-वलीमा- जब दुल्हन, दूल्हे के घर पहुंचती है तो वहां जलसा मनाया जाता है, जिसमें दावत दी जाती है। इसे रिसेप्शन भी कहा जाता है।

पगफेरा - दुल्हन के परिवार की ओर से तब रिशेप्शन रखा जाता है, जब दुल्हन पहली बार ससुराल से अपने माता-पिता के घर आती है। इस दौरान दुल्हन को उपहार दिए जाते हैं।



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ईसाई शादियां Christian Wedding

यस आई विल कहकर जुड़ें दो दिल

गोवा की क्रिश्चियन शादियां होती है सबसे अलहदा

सफेद रंग से रंगीन होती ईसाई शादियां



फिल्मों में सफेद गाउन में लिपटी, फूलों से सजी दुल्हन को देख कर ना जाने कितने दिल धड़क उठते हैं। ये अनोखे रीती रिवाज और सुरीले गीत पहचान है ईसाई शादियों की। ईसाई शादियां जहां बेहद सोबर होती है, वहीं इनका हर समारोह सादगी से मनाया जाता हैं, विस्तार से बता रही है आशिता दाधीच।

ईसाई रीती रिवाज से शादी करने के लिए दोनों पक्षों का ईसाई होना आवश्यक माना गया हैं। समुदाय में विवाह करने के लिए वर या वधु पक्ष में से किसी एक को शहर के पादरी या जाती -मंत्री को लिखित नोटिस देना पड़ता हैं। इसमें दोनों पक्षों के नाम, पते और व्यवसाय का उल्लेख होता हैं। इसके साथ उस चर्च का उल्लेख किया जाना भी आवश्यक है जहां विवाह संपादित होगा।

इसके बाद चर्च में इस शादी की सूचना देता हुआ एक नोटिस विवाह से चार दिन पहले चिपका दिया जाता हैं। वधु के माता और पिता से इस विवाह के संदर्भ में सहमति ली जाती हैं। जिसके बाद एक प्रमाण पत्र जारी किया जाता है। इस प्रमाण पत्र के जारी होने के दो महीनों के भीतर विवाह किया जाना अनिवार्य है, अन्यथा पूरी प्रक्रिया दोहरानी पड़ती हैं।

कैसा होता है विवाह समारोह -

विवाह का समारोह चर्च में मौजूद रजिस्टर में दर्ज किया जाता हैं। इसके साथ ही दो गवाहों, जाती मंत्री और नव विवाहित जोड़े की मौजूदगी में विवाह प्रमाण पत्र पर दस्तखत करके विवाह घोषित किया जाता हैं। क्रिश्चियन मैरिज एक्ट के तहत यह प्रक्रिया पूरी करने के बाद विवाह पूरी तरह कानूनी हो जाता हैं।

समारोह होता है शानदार -

शादी का मुख्य समारोह संगीत के साथ शुरू होता हैं। दोनों पक्ष संगीत की मधुर ध्वनि के साथ चर्च में प्रवेश करते हैं। जिसके बाद उन्हें 'वर्ड ऑफ गेटरिंग' दी जाती हैं, यह एक तरह का स्वागत समारोह हैं। जिसके बाद चर्च और फादर द्वारा आगंतुकों का स्वागत किया जाता हैं। दूल्हे और दुल्हन के लिए परमपिता परेमश्वर से आशीर्वाद मांगा जाता हैं। उनकी खुशियों की कामना की जाती हैं, इसके बाद मिनिस्टर द्वारा भगवान की विस्तृत प्रार्थना की जाती हैं।

इसके साथ ही, पवित्र ग्रंथ बाइबल से उद्धत की गई उत्तम पंक्तियां दूल्हे और दुल्हन के रिश्तेदारों और दोस्तों द्वारा गाई जाती हैं, इसके माध्यम से उनके लिए शुभकामना प्रेषित होती है। इसके बाद बाईबल से लिए गए प्रेरक प्रसंग सुनाए जाते हैं जिससे भावी पति -पत्नी प्रेरणा ले सके और उनका भविष्य सुंदर बने।

कसमों वादों का सिलसिला

मिनिस्टर दूल्हे और दुल्हन के इरादों और विवाह संस्था की पवित्रता के बारे में कसमें दिलवाता हैं। वह दूल्हे से पत्नी में विश्वास रखने और उसे सम्मान देने की बात कहता हैं, जिसके बदले में दूल्हा 'आई विल' कह कर अपनी सहमति देता हैं। इसके बाद मिनिस्टर दुल्हन से पति को सम्मान और प्रेम देने के साथ उसमें विश्वास रख कर विवाह की पवित्रता को बनाए रखने की सहमति मांगता हैं। 'आई विल' कहकर दुल्हन अपनी सहमति जताती हैं। इसके बाद मिनिस्टर परिजनों से विवाह के लिए सहमति मांगता हैं, वी डू कहकर अभिभावक इस महा मिलन के लिए सहमति देते हैं। शादी में आए मित्र गण भी यस वी डू कहकर पति पत्नी के इस नवनिर्मित रिश्ते को बनाए रखने में अपना सदैव सहयोग देने का वचन देते हैं।

वचनों का है ये बंधन

दुल्हन का दायां हाथ अपने दाएं हाथ में लेकर दूल्हा विवाह का वचन लेता हैं। 'मैं तुम्हे अपनी पत्नी मानता हूं और आजीवन सुख दुःख में तुम्हे प्रेम करने और तुम्हारे प्रति वफादार रहने का वचन देता हूं, कुछ ऐसी होती है दूल्हे राजा की शपथ। दुल्हनियां भी विधाता और मित्रों को साक्षी मानकर प्रेम, ईमानदारी और विश्वास के साथ सुख दुःख में अपने हमसफर का साथ निभाने का वादा करती हैं।

बदली अंगूठी, जुड़ें दिल

दुल्हन की अंगूठी मंत्री को दी जाती हैं, वह इसे दूल्हे को देता हैं। जिसे दुल्हा दुल्हन को पहनाता हैं। इस अंगूठी को प्रेम और समर्पण का टोकन माना जाता हैं। इसी तरह दुल्हन भी दूल्हे को रिंग पहनाती हैं। जिसके बाद होती हैं वेडिंग प्रेयर जिसे मिनिस्टर अंजाम देता हैं। इसके बाद मिनिस्टर इन दोनों को पति पत्नी घोषित कर देता हैं।

ईसा मसीह से नव दंपति के लिए आशीर्वाद मांग कर उन्हें प्रेम और विश्वास से एक दुसरे के साथ रहने की शुभकामना दी जाती हैं। इसके बाद मिनिस्टर दूल्हे को दुल्हन को चूमने के लिए कहता हैं, जिसके साथ विवाह पूर्ण माना जाता हैं।




 
 
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वेडिंग प्लॉनर Wedding planer

?शादियां तो होती रहेंगी और लोग उनपर करोड़ों खर्च करते रहेंगे।यह यश राज प्रॉडक्शन की फिल्म बैंड बाजा बारात की एक लाइन नहीं, बल्कि समाज की हकीकत है, जहां आज कल धूमधाम से शादियों का चलन बढ़ गया हैं। इसी के साथ जरुरत पड़ती हैं वेडिंग प्लॉनर की जो प्लान कर सके एक यादगार शादी। आशिता दाधीच बता रही हैं कि कैसे प्लान करें यादगार वेडिंग।



शादी ऐसा समारोह है जिसकी तैयारियां दो-तीन दिनों में पूरी नहीं हो सकती। इसके लिए शादी तय होते ही तैयारियों में जुट जाना चाहिए। आपको विवाह के समय होने वाले सभी कार्यक्रमों की योजना बनानी होगी। साथ ही इसमें हो रहे खर्च का भी ध्यान रखना होगा। इसके अलावा शादियों में जरूरी सेवा देने वालों से भी संपर्क रखें जैसे गाड़ी, म्यूजिशियन, फोटोग्राफर, पार्टी सप्लाई कंपनी।

कैसे करें शुरुआत?

जिस भी परिवार में विवाह तय हुआ है सबसे पहले परिवार के साथ मिलकर तय करें कि शादी की तैयारियां खुद करेंगे या वेडिंग प्लॉनर बुक करेंगे। शादी में कितना खर्च करना है, इसके लिए बजट बना लें। उसी हिसाब से व्यवस्थाएं करें। सगाई, शादी और रिसेप्शन के लिए स्थान की बुकिंग करा लें। इसके बाद कैटरर, डीजे, बैंड, फोटोग्राफर, विडियोग्राफर, फ्लोरिस्ट की लिस्ट तैयार कर ले, अपने बजट के हिसाब से किसी एक को चुन कर तय कर लें।

कपड़ों का चुनाव जरुरी

मार्केट के लेटेस्ट ट्रेंड्स पर गौर करें। संभव हो तो किसी ब्यूटीशियन और डिजाइनर से बात करके अपने डील-डौल के मुताबिक कपड़ों और गहनों का चुनाव शुरू कर दें। बाजार के चक्कर लगा कर अपने मन -मुताबिक शादी का जोड़ा और शादी के बाद के कपडे चुनना शुरू कर दें।

चलती रहे हनीमून प्लानिंग

किसी भी कपल की जिंदगी का सबसे यादगार लम्हा होता है हनीमून। इसके लिए यदि विदेश जाना हो तो पासपोर्ट -वीजा के लिए अप्लाई कर दें। जिस माहौल में जाना हैं उस मुताबिक कपड़ें खरीदें। हनीमून डेस्टिनेशन भी तय कर लें, ताकि सुविधानुसार उसकी बुकिंग करा सकें। शादी किस मौसम में हो रही है, तैयारी करते समय इसका ध्यान रखें। हनीमून डेस्टिनेशन के मौसम को भी ध्यान में रखें।

जरूरी है मेहमाननवाजी भी

शादी से कम से कम तीन महीने पहले ही मेहमानों और रिश्तेदारों की सूची तैयार कर लें। इसके बाद उन्हें दिए जाने वाले गिफ्ट्स की सूची तैयार करें और बजट के अनुसार खरीदारी शुरू कर दें। निमंत्रण पत्रों का डिजाइन पसंद करके प्रिंटिंग का ऑर्डर दे दें।

स्कीमों पर भी दे ध्यान

आए-दिन नए नए छूट और मुफ्त गिफ्ट्स की योजनाएं आती रहती हैं। फिर चाहे वेडिंग ड्रेस हो, मेहमानों को दिए जाने वाले तोहफे या दुल्हन के उपहार हो, उन्हें इन डिस्कांउट योजनाओं के तहत खरीदेंगे तो ब्राइडल वेयर के अलावा जूलरी और अन्य एक्सेसरीज आपकी जेब पर बड़ा बोझ नहीं डालेंगी।

चेहरे से चमके नूर

भावी दूल्हा या दुल्हन यदि हेयर स्टाइल चेंज करना चाहे तो शादी से तीन महीने पहले ही करवा ले, ताकि ऐन मौके पर विचित्रता ना झलके। ब्यूटी ट्रीटमेंट भी शुरू कर लें। जो भी एक्सेसरीज खरीदी जा रही हों, उन्हें एक बार पहनकर जरूर देख लें। अपनी हेयर स्टाइलिस्ट व ब्यूटीशियन से भी मदद लें। ब्यूटीशियन और मेहंदी वाले कई बार समय पर नहीं मिल पाते, इसी समय से इनकी बुकिंग कर लें। योग, ध्यान व व्यायाम के लिए समय निकालें। डांस की रिहर्सल कर लें।



 

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